Thursday, 26 July 2012

कश्मीरी हिन्दू पंडितो को न्याय ना दे सकने वाली जम्मू- काश्मीर पेंथर पार्टी आसाम के अप्रवासी बंगलादेशी मुस्लिम और मारे जा रहे म्यानमारी(बर्मा ) मुस्लिमो को न्याय देने के लिए कश्मीर में प्रदर्शन कर रही है ...



मुझे तब हंसी आती  है जब कोई अपने घर  का अन्धेरा छोड़कर और के घर में उजाला है की नहीं इसकी फिक्र करता है ,और वाकई में ये जुमला लागु पड़ता  है जम्मू-काश्मीर पेंथर पार्टी  पर ,कल इस पार्टी के लोगो ने श्रीनगर में आसाम में पीठ रहे अप्रवासी बंगलादेशी मुस्लिम और  बर्मा के शासको द्वारा मारे जा रहे म्यानमारी मुस्लिमो के समर्थन में प्रदर्शन किया और मांग रखी की,  आसाम दंगा पीड़ित  अप्रवासी बंगलादेशी मुस्लिम और म्यानमार(बर्मा ) में मारे जा रहे मुस्लिमो को न्याय मिलाकर देने के लिए  भारत में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति प्रयास  करे......हँसे की रोये इनपर ये भी तय करना मुश्किल है ......

 इस पार्टी का अस्तित्व ऐन केन जम्मू  में और काश्मीर के कुछ मुहल्लों तक सिमित है, कल तक यह पार्टी जम्मू के लोगो की रहनुमा के तौर पे इतराती थी ,पर जम्मू-काश्मीर के विधान सभा चुनाव में भाजपा ने इस पार्टी को जम्मू से पूरी तरह धो डाला और कही का भी नहीं छोड़ा ,अब एकाद दो विधायको के बल पर फिर से जम्मू और नए से मुस्लिम का  तुष्टिकरण करते हुए काश्मीर  में अपनी पैठ बैठने की कवायत जारी है इस पार्टी की ,और इसीके तहत तुष्टिकरण का तमाशा कर रही है JKPP , जम्मू कश्मीर के पिचली सरकार में ये पार्टी मुफ्ती मोहमद के PDP के साथ सत्ता में थी और इनके अध्यक्ष भीम सिंह मंत्री भी थे उस सरकार में ,अपने आप को सोशलिस्ट (समाजवादी ) कहलाने वाली ये पार्टी मुलायम के  समाजवादी पार्टी की तरह ही है जो यादवो का प्रतिनिधित्व करती है पर वोटो के लिए मुस्लिमो का तुष्टिकरण भी करती है ,उसी तरह JKPP भी गैर काश्मीरी जम्मू वासियों का प्रतिनिधित्व करने का अब तक दम भरती थी और अब मुस्लिमो के वोटो को पाने के लिए उनका तुष्टिकरण शुरू कर दिया है इस पार्टी ने  और कर्म संयोग से  मुलायम के  समाजवादी पार्टी  और जम्मू-काश्मीर पेंथर पार्टी  का चुनाव चिन्ह भी एक ही है वो "साईकिल " .

कल किये हुए प्रदर्शन में इस पार्टी के लोगो ने मुस्लिमो को खुश करने के लिए अमरीका और इस्राईल के खिलाफ घोषनाये दी जैसे की कभी कभी  मुलायम की समाजवादी पार्टी करती  है जिससे की मुस्लिम भी खुश होते है और वोट भी देते है .इस पार्टी के लोगो ने प्रदर्शन में आसाम के दंगा पीड़ित  अप्रवासी बंगलादेशी मुस्लिम और म्यानमारी(बर्मा ) में मारे जा रहे मुस्लिमो को भारत के राजकर्ताओ से मदत हो ऐसी मांग करते हुए दंगा पीड़ित अप्रवासी बंगलादेशी मुस्लिमो को मुआवजा मिले और म्यानमार(बर्मा ) से भागे हुए मुस्लिमो को शरण मिले ऐसी मांग करी  और  इस प्रदर्शन में JKPP  ने आसाम सरकार को बरखास्त करके राष्ट्रपति शासन लागु करने की मांग रखी है .

अब ये तो होने से रहा की देश के दुसरे कोने के राज्य के एक प्रान्त की  क्षेत्रीय   पार्टी द्वारा देश के दुसरे कोने के राज्य की सरकार को बरखास्त करने की मांग रखे  और वो पूरी हो ,पर इससे एक बात मेरे जैसे काश्मीरी पंडितो का दर्द अपना दर्द मानने वाला  जानता है की कल तक काश्मीरी पंडितो को न्याय मिलाकर देने का दम भरने वाली JKPP आज उसी काश्मीर में मुस्लिम बहुल श्रीनगर में मुस्लिमो को खुश करने  के लिए अव्यवहारिक मांगे रख रही थी , इनको ये कौन समजायेगा की  बंगलादेशी मुस्लिमो और म्यानमारी(बर्मा ) मुस्लिम भारत के नागरिक नहीं है और इस्राईल,अमरीका को  काश्मीर ,आसाम ,बंगलादेश और म्यानमार की क्या पड़ी है ,पर नहीं मुस्लिमो को जो खुश करना है तो दो गाली उन्हें  जिन्हें पूरी दुनिया के मुस्लिम गालिया देते है और आखरी बात JKPP कुछ ना कर पायी है अब तक  काश्मीरी पंडितो के लिए ,मगर विरोधाभास देखे की , काश्मीर की समस्या का हल किये बिना ही  दुसरे  राज्य  में  पीड़ित वो भी मुस्लिम  धर्म विशेष और तो और दुसरे राष्ट्रों से अप्रवासी के तौर पे आये हुए लोगो को न्याय देने की बात करना काश्मीरी पंडितो के जख्मो पर नमक रगड़ने वाली बात नहीं है तो क्या है  ? अब तक अल्पसंख्यांक तुष्टिकरण सूना था पर काश्मीर के बहुसंख्यानको (मुस्लिम)का भी तुष्टिकरण भी किया जा रहा है, ये तो सोचने वाली बात हो गयी है की तुष्टिकरण किया तो जा रहा है पर एक ही धर्म का क्यों ?

नोट -इस लेख को लिखने का कारन  यही है  की मेरे अपनों की समस्या का हल किये बगैर हम पड़ोसियों के समस्याओ की क्यों सोचे उसी तरह जम्मू-काश्मीर पेंथर पार्टी ,काश्मीर के अन्दर  काश्मीरी पंडितो को काश्मीर में बसाने के लिए काम करे नाकि दुसरे राज्यों की समस्या में अपना राजनितिक लाभ सोचे . 

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