Monday, 20 August 2012

बारूद पर खडा आसाम .....



आसाम के दंगो के बाद देश भर में निर्माण हुए तनाव पूर्ण स्थिति के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेवार है ऐसा केंद्र की कांग्रेस सरकार ने बयान दिया , बहोत हद तक सही भी है पर आसाम में धार्मिक तनाव को पैदा होने के पीछे के कारण और जिम्मेवार जो है उसपर आसाम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को छोड़ कोई कांग्रेसी नेता बात नहीं कर रहा है ,कांग्रेस ने जो पेरा था उसको आज तरुण गोगो

ई को चुनना पड़ रहा है इसलिए उन्होंने आसाम में सक्रिय मुस्लिम चरमपंथी संस्थाओ पर बंदी की मांग की है जो भाजपा की भी पिचले ५-६ सालो से मांग रही है ,कारण अटलजी के काल में ही बंगलादेशी घुसपेठ और उनको बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर अटल सरकार की नज़र थी और अंकुश था .अटल सरकार के गहरी नज़र के कारण ही आसाम ,त्रिपुरा और मणिपुर में सक्रिय मुस्लिम चरमपंथियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा हुआ था.पर अटलजी की सरकार जाते ही पाकिस्तान के ISI और बंगलादेशी आतंकी संस्थाओ के मदत से कुछ चरमपंथी संस्थाए स्थापित हुयी और आसाम में भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने लगी ,जो कांग्रेस मुस्लिमो के वोटो के लिए नज़र अंदाज़ करते आयी है,उससे बड़ी बात तो यह है की इन चरमपंथी संस्थाओ की पैरवी करने वाली और आसाम के सत्ता में कांग्रेस के साथ सामिल UDF (united democratic front ) नाम की मुस्लिम परस्त पार्टी जिसके १८ विधायको का समर्थन आसाम कांग्रेस सरकार को मिला हुआ है .

अगर आज के कांग्रेस सरकार को इस तनाव वाली स्थिति से निपटना है तो आसाम ,त्रिपुरा ,मणिपुर के सभी मुस्लिम चरमपंथी संस्थाओ पर अंकुश लगाना होगा और आसाम ,त्रिपुरा ,मेघालय राज्य से सटे बंगलादेश सीमाओं को सिल कर देना होगा जिससे की बंगलादेशी घुसपेठी को भारत में इस मार्ग से आने का मौका ही ना मिले और यह काम हुआ भी था अटलजी के काल में ,अटलजी के सरकार ने बंगलादेश और भारत के सीमा को तारो के बेडो से सिल करने की कवायत शुरू भी कर ली थी पर २००४ को अटलजी की सरकार जाते ही उन सीमाओं पर ढिल बरती गयी कारण बंगलादेश से आये हुए बंगलादेशी मुस्लिम भारत में बस जाये और कांग्रेस के वोटर बने रहे ऐसा कांग्रेस चाहता है इसलिए आज आसाम में बंगलादेशी घुसपेठियो की वजह से जो दंगे हो रहे है और उन दंगो के बाद जो स्थिति पैदा हुयी है पुरे देश में उसके लिए सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस ही जिम्मेवार है .

आसाम में सक्रिय इस्लामी चरमपंथी संस्थाए

1. MSCA- मुस्लिम सिक्यूरिटी कौंसिल ऑफ़ आसाम .
2. ULMA- युनाईटेड लिबरेशन मिलिशिया ऑफ़ आसाम .
3. ILAA- इस्लामिक लिबरेशन आर्मी ऑफ़ आसाम .
4. MVF- मुस्लिम वोलिन्टर फाॅर्स .
5. MLA- मुस्लिम लिबरेशन आर्मी .
6. MSF- मुस्लिम सिक्यूरिटी फाॅर्स .
7. ISS- इस्लामिक सेवक संघ .
8. IURPI-इस्लामिक युनाईटेड रेफोर्मेशन प्रोटेस्ट ऑफ़ इंडिया .
9. RMC- रेवोलुश्नरी मुस्लिम कोमान्डोस .
10.MTF- मुस्लिम टाईगर फाॅर्स .
11.MLF- मुस्लिम लिबरेशन फ्रंट .
12.MLTA- मुस्लिम लिबरेशन टाईगरस ऑफ़ आसाम .
13.MULFA- मुस्लिम युनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ आसाम .
14. MULTA-मुस्लिम युनाईटेड लिबरेशन टाईगरस ऑफ़ आसाम .

त्रिपुरा और मणिपुर में सक्रिय मुस्लिम चरमपंथी संस्थाए .

1.INF- इस्लामिक नेशनल फ्रंट .
2.UILA- युनाईटेड इस्लामिक लिबरेशन आर्मी.
3.UIRA- युनाईटेड इस्लामिक रेवोलुश्नरी आर्मी
4.PULF- पीपल्स युनाईटेड लिबरेशन फ्रंट .

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